Adult Story in Hindi | बच्चों की कहानी | छोटे बच्चों की कहानी | बच्चों की कहानी हिंदी | बच्चों की रात की कहानियां | बच्चों की नई कहानियां | बच्चों की कहानियां मजेदार | रानी की कहानी , 4 बच्चों की कहानियां , बच्चों की कहानियां कार्टून , Adult Story in Hindi | (क्रोध की दवाई) बच्चों की कहानी
Adult Story in Hindi: साथियो अपने कभी न कभी बचपन में अपने नाना-नानी , दादा-दादी से मनोरंजन के किस्से और मज़ेदार कहानियाँ जरूर सुनी होगी , जिनसे हमें कोई ना कोई अच्छी सीख सीखने को ज़रूर मिलती थी।
नमस्कार दोस्तों हम हाजिर हैं एक नई कहानी के साथ Adult Story in Hindi | (क्रोध की दवाई) बच्चों की कहानी ।
हम आपके लिए लेकर आए हैं बहुत ही मजेदार और अच्छी सीख देने वाली {Adult Story in Hindi} की श्रंखला मे आज की कहानी का नाम है “क्रोध की दवाई” इस कहानी मे आपको जानने को मिलेगा कि किस तरह आप अपने क्रोध पर काबू पा सकते हैं ।
जिस तरह पिछले पोस्ट मे आपको “समस्याओं का समाधान” नाम की अच्छी कहानी को समझाने का प्रयास किया है । उसी तरह आप इस कहानी को पूरा पढ़ते हैं तो यकीनन आप को अच्छी सीख मिलने वाली है ।
क्रोध की दवाई | Adult Story in Hindi
एक बूढ़ी दादी अपने घर के आगे चबूतरे पर बैठी हुई थी । शाम ढलने वाली है और सारे पंछी तेज तेज पंखों से अपने अपने घर की ओर जा रहे हैं । ऐसे मे कुछ छोटे छोटे बच्चे भी वहाँ खेलने आए हुए रहते हैं ।
दादी को बैठा देख सभी बच्चे दादी के पास आकार बैठ गए और एक अच्छी कहानी सुनाओ , दादी हमे कहानी सुनाओ ऐसी जिद करते हैं । दादी भी सभी बच्चों को दिलासा देती हैं और कहती हैं चलो ठीक हैं बच्चों आज हम “क्रोध की दवाई” नाम की अच्छी कहानी सुनने वाले हैं । सभी बच्चे चुप हो जाते हैं ।
दादी कहानी को शुरू कर देती हैं और कहती है , एक समय की बात है एक गाँव मे रोहन नाम का बालक रहता था , लेकिन उसकी सबसे बड़ी कमी यह थी की उसे गुस्सा बहुत आता था ।

सब ने कहा गुस्सेल
रोहन के गुस्से को लेकर उसके घर वाले बहुत ही परेशान रहते हैं । वह अक्सर छोटी छोटी बातों को लेकर गुस्सा करता था । इसी कारण किसी न किसी से झगड़ा भी हो जाया करता था । उसका कोई भी दोस्त नहीं था ।
बहुत गुस्सा करने की वजह से गाँव वालों ने उसका नाम “गुस्सेल” रख दिया था । रोहन जब भी कहीं बाहर खेलने जाता तो गाँव वाले और बच्चे उसे गुस्सेल , अरे ओ गुस्सेल कहकर चिढ़ाते थे । रोहन को यह बहुत बुरा लगता था ।
रोहन खुद को मन ही मन बहुत हीन भावना से देखने लगा और बहुत उदास रहने लगा था । रोहन के घर वाले और मा – पापा इस बात से बहुत परेशान थे । कि रोहन का गुस्सा कैसे कम किया जाए । और सब की तरह अच्छा बच्चा बन जाए ।

बाबा का इलाज
कहानी को सब बच्चे बहुत ही ध्यान से सुन रहे होते हैं ऐसे मे बूढ़ी दादी को प्यास लग आती है तब एक बच्ची “अंजली” ने दादी को पीने का पानी दिया । अपनी प्यास बुझाकर दादी ने फिर कहानी को शुरू किया ।
अब आगे , रोहन सुबह जल्दी जाग गया और उसकी माँ ने जल्दी से उसे रोज की तरह अच्छे से तैयार किया और खाना टिफिन मे रख दिया । रोहन अपने पापा के साथ स्कूल चला जाता है ।

अब घर पर रोहन के माँ और पापा बहुत उदास बैठे थे ऐसे मे एक बाबा बहन आते हैं और दोनों ने झुककर बाबा को प्रणाम किया और सुंदर आसन पर बैठाया । बाबा ने रोहन के माँ – पापा से उनकी उदासी का कारण पूछा ।
दोनों ने बाबा को पूरी कहानी बताई कि किस तरह रोहन का गुस्सा उनकी उदासी का कारण बना हुआ है । बाबा ने दोनों को तसल्ली दी और कहाँ अब चिंता मत करो ।
बाबा ने बताया उनके पास एक ऐसी दवाई है जिससे आपके बेटे की क्रोध करने वाली आदत हमेशा के लिए चली जाएगी । यह सुनकर रोहन के माँ और पापा बहुत खुश हुए । दोनों ने बाबा के चरण स्पर्श किए ।
इसके बाद बाबा ने एक बोतल मे दवाई भरकर उनको दी । और कहा कि अपने बेटे से कहना की जब भी उसको क्रोध आए तो यह बोतल अपने मुह से लगाए और दबाई को धीरे धीरे पीना शुरू कर दे ।
दवाई का असर
जैसे ही रोहन स्कूल से घर आ जाता है । उसकी माँ ने बताया की बाबा जी ने बेटा तुम्हारे लिए दवाई दी है । रोहन यह सुनकर रोहन बहुत खुश होता है और अपनी माँ से कहता है की क्या सच मे इस दवाई से मेरा क्रोध (गुस्सा) कम हो जाएगा ।
उसकी मां ने कहा , जैसे ही तुम्हें गुस्सा आए इस बोतल को तुम्हें अपने मुहँ से लगा लेना है और दवाई को धीरे धीरे करके पीना है । ऐसा करने से तुम्हारा गुस्सा जल्द ही कम हो जाएगा ।
रोहन भी बिल्कुल वैसा ही करने लगा उसे जब भी गुस्सा आता बोतल को मुह से लगा लेता । अब कुछ दिन गुजर जाते हैं और रोहन का गुस्सा भी कम होने लगता है ।
रोहन को ऐसा करते करते एक महीन हो गया था अब दवाई भी खत्म हो गई थी । एक दिन , अचानक बाबा जी फिर आते हैं रोहन के माता पिता उनको देखकर खुश हो जाते हैं ।
बाबा जी ने रोहन के गुस्से के बारे मे बताने को कहा , उसकी माँ ने बताया बाबा जी आपकी दवाई से चमत्कार हो गया है । रोहन को अब बिल्कुल भी गुस्सा नहीं आता है ।
दवाई की सच्चाई
पूरी बात सुनकर बाबाजी से कहा, हमने आपको कोई दवाई नहीं दी थी । बल्कि वह तो बस साधारण पीनी वाला पानी मात्र था । यह जानकार रोहन और उसके माता पिता चकित रह जाते हैं ।
रोहन के पापा सवाल करते हैं , बाबा जी यह कैसे हो सकता है की पानी से रोहन का क्रोध आना कम हो गया हो । फिर बाबा जी ने बताया , लोग जब रोहन को कुछ भी कहते थे तो रोहन उनका जबाब देता था यही वजह थी बात बढ़ जाती थी और रोहन को क्रोध आता था ।
लेकिन जब से रोहन बोतल अपने मुह से लगा लेता था तो कुछ भी बोल नहीं पता था । और लोग भी रोहन से फालतू किसी भी तरह की कोई बात नहीं करते थे ।
रोहन के गुस्से के कम हो जाने का तो बस यही कारण था ।
इस तरह सब के सामने दवाई की सच्चाई आ गई और सब ने बाबा जी को खुशी खुशी धन्यवाद कहा । और दादी ने भी बच्चे से कहा की चलो बच्चों आज की कहानी पूरी हुई ।
कहानी से सीख
Adult Story in Hindi : इस कहानी से हमे सीख मिलती है कि लोग अगर हमे कुछ भी फालतू बोलें तो उसका जवाब नहीं देना है ।
अगर आपको भी गुस्सा ज्यादा आता है तो आपको भी रोहन की तरह शांत रहना चाहिए । जिससे आपका भी गुस्सा कम हो जाएगा और आप भी अच्छे बच्चे बन जाएंगे ।
मिली जुली गुस्से से संबंधित छोटी सी अन्य कहानी
अन्य पढ़ें :-
आखिरी शव्द – Adult Story in Hindi
हमे उम्मीद है आपको यह कहानी “Adult Story in Hindi | (क्रोध की दवाई) बच्चों की कहानी” पसंद आई होगी । अगर आपका कोई भी सवाल है तो हमे कॉमेंट मे लिख कर भेज दीजिए ।
धनवाद आपका ।